Uncategorized
Trending

गजल

तुम्हारी याद की बारात ही दिल को लुभाते हैं,
सबेरे की सुनहरी धूप से आँगन सजाते हैं।

कभी जो दर्द मिलता है उदासी ओढ़ लेता मन,
वही तेरे मधुर बोल हम फिर से गुनगुनाते हैं।

जहाँ अपनापन मिले तो वही घर -सा लगे दिल को,
वहीं पर लोग जीवन के सुनहरे पल बिताते हैं।

नज़र में प्यार हो सच्चा तभी राहें महकती हैं,
इसी विश्वास के दीपक अँधेरों में जलाते हैं।

“सुमन ” ममता भरी माता सदा है प्रेम ही देती,
दुआओं का असर देखो सभी से प्रेम पाते हैं।


डाॅ सुमन मेहरोत्रा’ सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *