
सोशल मिडिया पर बढी अश्लीलता,
अपने फोलोअर्स को बढवाने की।
अश्लीलता की ऐसे होड़ लगी है,
नित्य सबको यूं नीचा दिखलाने की।।
द्विअर्थ के वो यूं शब्द बोलते,
हमें संकेतों से सब समझाते।
हम खुले में ना उसे देख पाते,
जिसे सोशल मिडिया हम कहते।।
जब छोटे बच्चे इसे देखते,
अपराध वो भी करने लगते।
इस पर ना यूंं कोई पाबंदी है,
यहींं तो इसकी प्रमुख खुबी है।।
इसका समाज पर दुष्प्रभाव पड़ता,
अपराधोंं का ऊँचा यूंं ग्राफ बढता।
नैतिकता का भी यूं पतन है होता,
नित मानवता का विनाश है होता।।
परस्पर रिश्ते नाते यूं टुटने लगते,
फिर देह,हिंसा का व्यापार बढता।
ना कोई भी इस पर ध्यान है देता,
इन सब की किमत समाज चुकाता।।
मुन्ना राम मेघवाल ।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।












