Uncategorized
Trending

गर्मी की छुट्टी


विधा – बाल कविता

देखो गर्मी की छुट्टी आई!
सूरज दादा चमके भाई,
आसमान में फैला ताव,
बस्ता बंद हुआ है अपना,
चलो चलें अब नानी गांव!

देखो गर्मी की छुट्टी है!
संग में ढेरों मस्ती लाई है!
नौ-दो-ग्यारह हुए पहाड़े,
ए-बी-सी-डी सो गई भाई।

मटके का ठंडा-ठंडा पानी,
आम का पन्ना, नींबू-पानी,
रात को छत पर लेटेंगे हम,
सुनेंगे नानी की नई कहानी।

दिनभर लूडो और कैरम होगा,
शाम को खेलेंगे क्रिकेट-मैच,
चाहे जितनी धूप हो बाहर,
हम तो करेंगे खुशियां कैच!
देखो गर्मी की छुट्टी आई ,
संग में ढेरों मस्ती लाई है!

रीना पटले, शिक्षिका
जिला- सिवनी, मध्यप्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *