Uncategorized
Trending

कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद यात्रा गोरखपुर में साहित्य, संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना का अभिनव समागम सम्पन्न

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति एवं सद् साहित्य के संवर्धन हेतु कृतसंकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने अवगत कराया कि संस्था परिवार की बहुआयामी “संवाद यात्रा” का भव्य आयोजन गोरखपुर की पावन धरती पर स्थित रामा कृष्णा गेस्ट हाउस, राम जानकी नगर, बशारतपुर, गोरखनाथ में गरिमामय वातावरण के मध्य सम्पन्न हुआ।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रखर विचारक डॉ श्याम बिहारी मिश्र के संयोजन में आयोजित इस त्रिदिवसीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का शुभारम्भ गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं माँ सरस्वती के अभिनंदन के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम चरण में अतिथियों के अभिनंदन उपरान्त “नवाचार से परिपूर्ण हिन्दी भाषा में आधुनिक शैली की काव्य रचनाएँ” विषय पर ऑफलाइन एवं ऑनलाइन विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। ऑनलाइन माध्यम से पण्डित श्री अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, विजय रघुनाथराव डांगे, रमापति मौर्य, प्रेमलता कुमारी ‘पुष्पेश’ एवं मेघा अग्रवाल ने अपनी भावसमृद्ध काव्य प्रस्तुतियों से साहित्यिक वातावरण को आलोकित किया।
ऑफलाइन काव्य गोष्ठी में दीदी राधा श्री शर्मा, डॉ श्याम बिहारी मिश्र, वंदना सूर्यवंशी ‘डफली वाली’, अभय श्रीवास्तव ‘ज्योति जिज्ञासु’, अमित पण्डा ‘अमिट रोशनाई’, अर्चित सावर्णि, अधिवक्ता एवं पत्रकार कुमुद रंजन सिंह, गीता कौर तथा पवनेश मिश्र ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से उपस्थित साहित्यप्रेमियों को भावविभोर कर दिया।
ज्ञानभूमि गोरखपुर में आयोजित संवाद यात्रा के द्वितीय चरण में “समाज को जोड़ने में साहित्य की भूमिका” विषय पर प्रेरक परिचर्चा सम्पन्न हुई। इस वैचारिक सत्र में डॉ श्याम बिहारी मिश्र, अमित पण्डा ‘अमिट रोशनाई’, अर्चित सावर्णि, कुमुद रंजन सिंह, गीता कौर, सुरेश उपाध्याय, भगवानदास शर्मा ‘प्रशांत’, कीर्ति त्यागी, जया शर्मा ‘प्रियंवदा’, दीदी राधा श्री शर्मा एवं पवनेश मिश्र ने साहित्य को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय एकता का प्रभावी माध्यम बताते हुए अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए।
संवाद यात्रा के तृतीय चरण में कल्पकथा उपसचिव अर्चित सावर्णि के नेतृत्व में कार्यकारिणी दल ने गोरक्षनाथ धाम, गीता प्रेस गोरखपुर, लीला चित्र मंदिर एवं गीता वाटिका जैसे सनातन संस्कृति के प्रेरणापुंज स्थलों का भ्रमण एवं दर्शन लाभ किया। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत की दिव्यता एवं आध्यात्मिक चेतना को आत्मसात करते हुए राष्ट्र एवं संस्कृति के प्रति अपने संकल्प को और अधिक दृढ़ किया।
यात्रा के अंतिम दिवस आयोजित चतुर्थ चरण में कल्पकथा कार्यकारिणी की विशेष बैठक एवं अलंकरण समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्वान साहित्य मनीषियों को सम्मानित किए जाने से पूर्व कार्यकारिणी द्वारा संस्था के पूर्व प्रयासों की सफलता पर सहयोगी संगठनों एवं सहभागी स्वजनों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई। साथ ही वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा करते हुए भविष्य में प्रस्तावित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।
आयोजन के समापन अवसर पर राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के सामूहिक गायन से सम्पूर्ण वातावरण राष्ट्रभक्ति से अनुप्राणित हो उठा। तत्पश्चात कल्पकथा संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा ने सफल आयोजन हेतु डॉ श्याम बिहारी मिश्र, श्रीमती अनुप्रिया मिश्रा सोनी, अभिषेक मिश्र, मनोज कुमार मिश्र सहित सभी आयोजकों, सहयोगियों एवं सहभागियों के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संवाद यात्रा को साहित्य, संस्कृति एवं राष्ट्रीय चेतना का प्रेरणास्पद उत्सव बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *