Uncategorized
Trending

विश्व शांति दिवस

विश्व शांति का दीप जले,
हर दिल में उजियारा हो,
घृणा-द्वेष की आँधी थमे,
प्रेम का ही धारा हो।

नीले गगन में उड़ता कबूतर,
संदेश सुनाता जाए,
शांति का वह पावन दूत,
हर मन को समझाए।

जहाँ न हो कोई वैर-विरोध,
न आँसू का व्यवहार,
मानव-मानव एक बने,
यही सच्चा त्यौहार।

महात्मा गांधी का सत्य-अहिंसा पथ,
जग को राह दिखाता,
गौतम बुद्ध का करुणा संदेश,
हर हृदय अपनाता।

नेल्सन मंडेला की दृढ़ता बोले,
अन्याय से मत डरना,
मार्टिन लूथर किंग जूनियर का स्वप्न सुनाए,
सबको साथ में चलना।

कबूतर के कोमल पंखों में,
आशा का विस्तार,
हर सीमा को लांघे जाए,
बाँटे प्रेम अपार।

न युद्धों की ज्वाला भड़के,
न हिंसा का हो नाम,
धरती माँ के आँचल में,
बस गूँजे शांति का गान।

धर्म-भेद सब भूलकर,
मानवता अपनाएँ,
रंग-रूप के भेद मिटाकर,
एक-दूजे को गले लगाएँ।

विश्व शांति दिवस का संदेश,
हर जन-जन तक पहुँचे,
मन के अंधियारे को हरकर,
स्नेह दीप फिर से जगे।

कबूतर बन हर प्राणी अब,
शांति-दूत कहलाए,
प्रेम, दया और सत्य से,
जग को स्वर्ग बनाए।


डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *