
दिल को धड़कने की वजह मिल गई थी,
पर शायद उसी पल
टूटने की सज़ा भी लिखी गई थी।
तेरे आने के बाद
मैंने हर खुशी तुझमें ढूँढ ली,
और जब तू ही दूर हो गया…
तो हर खुशी मुझसे रूठ गई।
तेरे आने के बाद
रातें भी तेरी हो गई थीं,
अब वही रातें
सिर्फ आँसुओं की साथी बन गई हैं।
तेरे आने के बाद
मैंने खुद को तुझमें बसा लिया था,
तू गया तो लगा जैसे
मैंने खुद को ही खो दिया।
तेरे आने के बाद
हर दुआ में बस तेरा नाम रहा,
और आज भी वही दुआ
खामोशियों में तुझे पुकारती रही।
तेरे आने के बाद
इश्क़ मेरा मुकम्मल तो नहीं हुआ,
पर अधूरा होकर भी
हर सांस में बसता रहा।
तेरे आने के बाद
अब दर्द ही मेरी पहचान बन गया है,
तू तो नहीं है पास…
पर तेरा एहसास ही मेरी जान बन गया है।
डॉ रुपाली गर्ग
मुंबई महाराष्ट्र












