
चल चक्र उठा रे कन्हैया आज अनहोनी होने वाला है।
आज भीष्म पितामह तुमको कुरूक्षेत्र में तांडव दिखाने वाला है।।
माना की धर्म अधर्म की लड़ाई में अधर्म न जितने वाला है।
चल चक्र उठा रे कन्हैया आज अनहोनी होने वाला है।।
मैं ही मारा जाऊंगा या फिर मेरे हाथों सब मारा जाएगा।
भीम अर्जुन क्या नकूल शहदेव आज कोई न बक्शा जाएगा।।
माना कि कुछ मजबूरी है लेकिन मेरे क्रोध से न बचने वाला है।
चल चक्र उठा रे कन्हैया आज अनहोनी होने वाला है।।
देखों रे कन्हैया जो मेरे समक्ष खड़े हैं वो मेरे ही पौत्र है।
जिसको पढाया लिखाया है मैंने आज वही दुश्मन बनें हैं।।
मुझे मालूम है रे कन्हैया मुझे वाणों सैया मिलने वाला है।
चल चक्र उठा रे कन्हैया आज अनहोनी होने वाला है।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,












