
हे मानव! निरंतर अग्निपथ पर चलते हुए आगे बढ़ो
रुको नहीं झुको नहीं, बस आगे बढ़ते रहो
तुम्हारी मंजिल तुम्हारा इंतजार कर रही
चाहे तुम्हारे रास्ते में जितने भी दुश्मन आ जाएं
डटकर उनका सामना करो
अपनी मंजिल पर पहुंचने के लिए डटे रहो
तुझ में है अनंत शक्तियां अपनी शक्ति को पहचानो
आए हो जग में कुछ करने
अपनी मिसाल कायम रखो
हे मानव! तुम कर्मठ बनो
हौसला बुलंद रखो
लक्ष्य एक दिन जरुर पाओगे
निरंतर कर्म की पद की ओर
अग्रसर होते रहो
चलते रहना ही जिंदगी है
मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है
असफलता के बाद सफलता निश्चित रूप से मिलती है
हे मानव! असफलता से तुम कभी नहीं घबड़ाना
अपनी राह को डरकर छोड़ ना देना
बिना रुके ,बिना झुके तुम्हें आगे की ओर कदम बढ़ाते है जाना
यूं समझ लो कि हमने अपने आप को
है आज पहचाना
हे मानव! तुम्हें जरुर सफलता हासिल होगी
डॉ मीना कुमारी परिहार













