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भाउक छड़

विषय- वो आखरी मुलाकात
विधा- कविता

उस दिन…
साथ थे तुम हमारे,
दिल में कुछ अधूरे लिए हुए सपने ,
सोचा फिर कभी पूरे होंगे कैसे,
जब सपने पूरे होंगे,
पर कैसे पता था कि,
वो आखरी मुलाकात होगी l

बीत रहा वक़्त,
कुछ ज्यादा तेजी से,
आखें भी तुम्हें निहार रही होगी,
संसार की सारी खुशियों पर,
तेरी मुस्कान भारी पड़ रही होगी l
पर कैसे पता था कि,
वो आखरी मुलाकात थी ll

तुम्हारे हर काम,
मेरे दिल को छू रहे होंगे,
पर सिमट गई थी मैं तुझमें,
कुछ ख्याल अनकहे रह गए l
पर कैसे पता था कि,
वो आखरी मुलाकात थी ll

तुम्हें पाने के खातिर,
छोड़ी थी सारी दुनिया,
और चाहती थी सारा जीवन,
तेरे साथ समय बिताना,
कैसे पता था कि,
वो आखरी मुलाकात थी ll

रचनाकार- नंदकिशोर गौतम( माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी, जिला सिवनी म. प्र.

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