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आतंक

वह जब जन्म लिया तो
सामान्य बच्चों जैसा ही था
धीरे धीरे बड़ा हो रहा था
एक आम बच्चे की तरह
परंतु धार्मिक शिक्षा उसे कठोर बना रही थी
उसका बचपन जैसे खोता जा रहा था
बाल्यावस्था में ही उसे प्रौढता आ गई थी
हाँ उसमें एक बात बहुत ज्यादा भर गई
श्रेष्ठता की भूख
पूरी दुनियां में सर्वश्रेष्ठ मैं और मेरा मजहब है
युवा होते होते वह पूरी तरह से कठोर बन गया था
उसके किये गए अपराध को लोग छुपाने लगे
उसका हौसला दिन प्रति दिन
बढ़ता ही जा रहा था
कोई रोकने वाला नहीं था
अपने धर्मावलम्बियों का वह चाहेता बन गया था
महिलाओं के साथ अभद्रता
अन्य धर्मावलम्बियों के साथ क्रूरता
अब उसका नियमित हो गया
इसी के साथ वह
कानून की नज़र में भी आ चुका था
कई बार पकड़ में आते आते बच भी गया
अब उसका हौसला सातवें आसमान में था
किसी को भी मारना उसकी दिनचर्या बन गई थी
लोग उसका मैनिलोबल बढ़ा रहे थे
उसका खौफ बढ़ता ही जा रहा था
बड़े बड़े नेता उसके हाथ उठने बैठने लगे
परंतु एक दिन एक ईमानदार के हत्थे चढ़ गया
और धुल भरी धरती पर निर्जीव पड़ा था
उसका शव निहायत अकेला


महेंद्र कुमार मधुकर

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