
जो हैवान था उसको भगवान् बना दिया
जो सचमुच भगवान् था उसको हैवान बना दिया
वाह रे फितरत ए दुनियाँ तेरी
अच्छी खासी दुनियाँ को शमशान बना दिया
काश की खुदा की खुदाई तुझे समझ आती
पाप का नशा तेरे अक्स का हिस्सा ना बनता
तेरी खुद की शख्सियत ने ही तुझे बेईमान बना दिया
क्या खोया क्या पाया इसी मे सारा जीवन गुजर गया
इसी खोने पाने की मशक्कत मे तेरा ईमान बिखर गया
था इंसान हैवान बन गया
एक सुंदर ये धरा थी मशान बना दिया
कलयुगी दुरात्माओं का जंग- ए- मैदान बना दिया
ए बौद्धिक आत्माओं क्यों ईश्वर की जनी कायनात को अपने करम मे ढाल लिया
क्या वजूद था तुम्हारा खुद को ही खुदाई नेमत मान लिया
जीने का मकाम था मरने मारने का निशान बना दिया
मनुष्य की अस्तित्व की ये धरा थी मौत का शमशान बना दिया
बड़ा ही लिर्लज्ज् तू इंसान है खुदा की मेहरबानियों को ही सज़ा का पैग़ाम बना दिया
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र













