
इस मोहमाया की संसार में सिर्फ त्याग ही मुक्ति का द्वार है।
जिसने त्यागा इस मोममाया को वह पा गया सरकार है।।
बोलों हरे कृष्णा हरे राम इनके सिवाय न है कोई जग में धाम।
क्योंकि त्याग एक सिंगार है जो इस सिंगार को कोई छोड़ना नहीं चाहतें हैं।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













