
तेरे कृपा से हे बाबा बदल जातें हैं उनके दिन और रात
जय जय श्री जगन्नाथ बोलों,जय जय श्री जगन्नाथ
तेरे द्वार पर जो भी आता उनको मिल जातें हैं तेरा साथ
जय जय श्री जगन्नाथ बोलों जय जय श्री जगन्नाथ
अनाथो के तुम नाथ हो बाबा तुम हो प्रभु जगन्नाथ
तुम्हारे कृपा बिन हे बाबा सुनों हम तो है अनाथ
सबको तेरा साथ मिला क्यों मिला न हमको तेरा साथ
जय जय श्री जगन्नाथ बोलों जय जय श्री जगन्नाथ
इस कलयुग मे तूं हीं बाबा पूरा करते हो अरमान
जिसने तेरे चरण कमल को किया है हरदम ध्यान
तेरे कृपा बिन अधूरें है हम कृपा कर दो हे मेरे नाथ
जय जय श्री जगन्नाथ बोलों जय श्री जगन्नाथ
मानव तन के रखवाला है तूं मानव तन का जन्म दाता है
तेरे अतिरिक्त कोई नहीं है और तूं हीं मृत्यु दाता है
लेखक अलबेला पीट रहा है आकर तेरे द्वार पर माथ
जय जय श्री जगन्नाथ बोलों जय जय श्री जगन्नाथ
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार













