नकुड़ के शिक्षाविद सुनील कुमार “खुराना” को मिली राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी साहित्यिक पहचान

नकुड़, सहारनपुर (उ.प्र.), 31 अगस्त 2026 – सहारनपुर जनपद के नकुड़ कस्बे के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण आया है। यहां के वरिष्ठ साहित्यकार, प्रधानाध्यापक एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षाविद *आदरणीय सुनील कुमार खुराना को साहित्य के क्षेत्र में उनके सतत योगदान के लिए बिहार की प्रतिष्ठित संस्था *”विलक्षण प्रतिभा साहित्यिक संस्था, पंजवार, सिवान (बिहार) भारत”* द्वारा सक्रिय सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। संस्था द्वारा जारी आधिकारिक परिचय पत्र के अनुसार उनका सक्रिय सदस्य क्रमांक 56 है। यह संस्था 10 मार्च 2025 को स्थापित हुई थी और बहुत ही कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। संस्था का मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने में बिखरी साहित्यिक प्रतिभाओं को एक मंच पर लाना, नवोदित रचनाकारों को प्रोत्साहित करना और हिंदी साहित्य एवं भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए कार्य करना है। इस सम्मान पत्र पर संस्था के संस्थापक डॉ. मुकेश कुमार दुबे “दुर्लभ” (विद्या वाचस्पति), संरक्षक श्री गोपाल प्रसाद नारायण शाही जी और अध्यक्षा श्रीमती चन्द्रकला कुमारी जी के हस्ताक्षर अंकित हैं, जो इस सम्मान को और भी अधिक गरिमामय बनाते हैं।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील कुमार खुराना जी ने कहा, _”यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरी कर्मभूमि नकुड़, मेरे विद्यालय के बच्चों और मेरे सभी शुभचिंतकों का सम्मान है। विलक्षण प्रतिभा साहित्यिक संस्था ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का पूर्ण प्रयास करूंगा। एक शिक्षक होने के नाते मेरी लेखनी हमेशा शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के लिए समर्पित रहेगी।” आपको ज्ञात है कि सुनील कुमार खुराना को हाल ही में प्रतिष्ठित समाचार पत्र अमर उजाला के ‘भारत का संकल्प 2026-27’ अभियान के तहत भी प्रतिज्ञा प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। शिक्षा के साथ-साथ साहित्य में भी उनके दोहरे योगदान के लिए क्षेत्र में उन्हें लगातार सम्मानित किया जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर नकुड़ क्षेत्र के शिक्षकों, साहित्यकारों और गणमान्य नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी है।











