
चाँद से कह दूँ तेरी चौखट पे आया करे,
तारों से कह दूँ तेरा ही नाम दोहराया करे।
तेरी एक झलक के लिए बेघर हो जाऊं,
तेरी गली में खुद को लावारिस कर दूँ।
सुना है धूप तुझे बहुत सताती है,
तेरी रेशमी जुल्फों को पसीना रुलाती है।
तू इजाजत दे तो बादल बन जाऊं,
तेरे चेहरे पर ठंडी बारिश कर दूँ।
तू परी है, तू हूर है, तू ख्वाब है नाजनीन,
तू मेरे हर अधूरे शेर का जवाब है नाजनीन।
तेरी आँखों में काली रातें बसती हैं,
तेरी हँसी पर तो सुबहें भी मरती हैं।
इतनी तारीफ भी कम है तेरे लिए,
सारे लफ्ज़ छोटे हैं तेरे लिए।
तू कहे तो ये जान भी तेरे नाम कर दूँ,
बस तू एक बार कह दे – मैं तेरी हूँ।
अंतर्राष्ट्रीय
हास्य कवि व्यंग्यकार
अमन रंगेला अमन सनातनी
सावनेर नागपुर महाराष्ट्र











