
हर जुबां से बोली जाती है,
अपनी प्यारी भाषा हिन्दी।
हर क्षेत्र में बोली जाती है,
अपनी प्यारी भाषा हिन्दी।
अनेकों भाषा के ऊपर है,
अपनी प्यारी भाषा हिन्दी।
क्योंकि हर जगह पर बोली जाती है,
अपनी प्यारी भाषा हिन्दी।
अनपढ़ हो या फिर पढालिखा,
सबसे पहले बोलते हैं वो हिन्दी।
क्योंकि हर कोई समझ जातें हैं,
अपनी प्यारी भाषा हिन्दी।
हर किसीको समझ में आती है।
अपनी प्यारी भाषा हिन्दी।
बच्चे हो बडे़ बूढ़े हर कोई बोलतें हैं,
अपनी प्यारी भाषा हिन्दी।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से











