
हर लो कष्ट हे गणपति, मिटें सभी संताप।
लीन भक्ति में ही रहें, कट जाएं सब पाप।।
गणपति की आराधना,करती शूल को फूल।
मिट जाती बाधा सभी,गृह होते अनुकूल।।
गणपति जग वंदन करे, बजते मंगल ढोल।
गाते मंगल गीत सब,चालीसा के बोल।।
गौरी सुत किरपा करो,जीवन हो उजियार।
बाधाएं सब दूर हों,सुख का हो विस्तार।।
गौरी लाल गणेश जी, रखें वरद का हाथ।
विनती सुनिए गजवदन, चरणों धरते माथ।।
मोदक, दूर्वा,नारियल, लगता छप्पन भोग।
मिलती विदया बुद्धि सब, मिटते हैं फिर रोग।।
करती हूं नित वंदना,मंगल मूर्ति गणेश।
जीवन में मंगल करें,दूर करें सब क्लेश।।
डॉ नवनीता दुबे नूपुर मंडला,मप्र।











