बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट, झारखंड इकाई की मासिक काव्य-गोष्ठी में बिखरे गणेश चतुर्थी एवं तीज के भाव

धनबाद, 25 सितम्बर 2026।
बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट, झारखंड इकाई द्वारा शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 को मासिक ऑनलाइन काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का *विषय “गणेश चतुर्थी एवं तीज” रहा। देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े रचनाकारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी भावपूर्ण एवं विविध रचनाओं की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बाबू शोभनाथ ट्रस्ट की सचिव आदरणीया सत्यभामा सिंह ‘जिया’ जी तथा विशिष्ट अतिथि आदरणीया मृदुल प्रभा जी, मुंबई रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय ओमप्रकाश सिंह जी, मुंबई ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्योति वर्मा जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती-वंदना से हुआ।
काव्य-गोष्ठी में डॉ. दिवाकर पाठक, हजारीबाग; डॉ. राम प्यारे विश्वकर्मा ‘राम’, चित्रकूट; ओमप्रकाश सिंह, मुंबई; ज्योति बरनवाल, नवादा; सोनी बरनवाल ‘कशिश’, जमुई; लक्ष्मी कुमारी, हजारीबाग; डॉ. सुनीता सैनी ‘गुड्डी’, बैंगलोर; विजेंदर सैनी, बैंगलोर; ज्योति वर्मा, बोकारो; मृदुल प्रभा, मुंबई; रोमा झा; किरण देवी तथा श्रद्धा प्रसाद दुबे सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
सभी रचनाकारों ने गणेश चतुर्थी एवं तीज के धार्मिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक महत्व को अपनी-अपनी रचनात्मक दृष्टि से अभिव्यक्त किया। किसी रचना में गणपति वंदना एवं मंगलकामना के स्वर सुनाई दिए तो किसी में तीज की परंपरा, नारी-मन की भावनाएँ, प्रेम, आस्था और भारतीय संस्कृति के रंग दिखाई दिए। विभिन्न विधाओं और शैलियों में प्रस्तुत रचनाओं ने गोष्ठी को साहित्यिक विविधता प्रदान की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में रचनाकारों की सराहना-
कार्यक्रम अध्यक्ष आदरणीय ओमप्रकाश सिंह जी ने आज की काव्य-गोष्ठी में उपस्थित सभी रचनाकारों की रचनाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सूर, लय और छंद भले ही सभी रचनाकारों के अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन भाव सभी के बहुत सुंदर थे। उन्होंने सभी रचनाकारों की सृजनशीलता की सराहना करते हुए साहित्य-साधना को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए शुभकामनाएँ दीं।
मुख्य अतिथि सत्यभामा सिंह ‘जिया’ जी एवं विशिष्ट अतिथि मृदुल प्रभा जी ने भी रचनाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की तथा भारतीय पर्व-त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं को साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास को महत्वपूर्ण बताया।
झारखंड इकाई की अध्यक्ष पूर्णिमा सुमन ने सभी अतिथियों, रचनाकारों एवं साहित्यप्रेमियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में रचनाकारों की उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं सुंदर प्रस्तुतियों ने गोष्ठी को यादगार बना दिया।











