
शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह
विधा – काव्य
देश की माटी पर कुरबान वो हो गये
अपने लहू की धार से सींचकर चमन वो हरा भरा कर गये
चंद समय मे ही वो सदियों का इतिहास बना गये
शहीदों के शहीद शहीद-ए-आज़म भगत सिंह कहला गये
कौन कहता है समय बडा होता है
वक़्त भी रुक जाता है सामने जब भगत सिंह खडा होता है
एक छोटी सी उम्र मे सरदार आप इतिहास बना गये
देश को गुलाम बनानेवाले अंग्रेजों को कदमों तले झुका गये
हिन्दी उर्दू अंग्रेजी बांग्ला भाषा के ज्ञानी थे
सरदार आप आस्तिकों के आस्तिक ना समझ आये वो कहानी थे
देश की आजादी ही सरदार आपका नारा था
गुलामी किसी सूरते हाल ना गंवारा था
सरदार आपका अपना एक विचार था
दुशमन अंग्रेज ही नही उच्च कुलीन सोच से ग्रसित अनाचार भी था
अपनी मौत को सरदार आप एक मिसाल दे गये
देश के युवाओं को सम्मान की एक मशाल दे गये
शहीद-ए-आज़म भगत सिंह आप देश के एक अभिमान थे
अज़ीमो शान भारत माँ के जोशीले योद्धा महान थे।
आज आपकी 119वीं जयन्ती पर शत शत नमन।
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र












