
पुरुष की सुंदरता
उसके ईमानदार व्यक्तित्व और
विनम्र व्यवहार से है,
जिम्मेदारियों और पुरुषार्थ से है,
अपने कर्म की प्रधानता और
निःस्वार्थ सेवा, त्याग से है।
अपने सपनों को विसार
बच्चों के सपने पूरा करना,
खुद थकना फिर मुस्कुराना और
परिवार के लिए अडिग खड़े रहना,
यही तो है पुरुष की सुंदरता!
बंजर जमीं और उसपर
सुंदर आशियाना बना लेना,
घर में ठंडी हवाएं और भरे भंडार
खूबसूरत हर व्यवस्था और
खूबसूरत हर राहें,
यही तो है पुरुष की सुंदरता!
अपनी राह खुद चुनना और
उस पर निडरता से चलते रहना,
चिंता मत करो “मैं हूँ ना”
ये कह अपनों का हौसला बढ़ाना,
यही तो है पुरुष की सुंदरता!
अपनों की पसंद को
अपनी पसंद स्वीकारना,
अपने आँसू बहने से पहले
दूसरों के आँसू पोंछ देना,
हर मुश्किलों से भिड़ जाना,
यही तो है पुरुष की सुंदरता!
कभी बेटा होने का फर्ज निभाना,
कभी भाई बनकर
त्याग और समर्पण करना,
कभी पति बनकर जीवनभर
साथ निभाना और
कभी पिता बनकर
बच्चों के सपनों को पंख देना,
यही तो है पुरुष की सुंदरता!
योग शिक्षिका
माधवी कुमारी
नवादा,बिहार













