
स्वतंत्रता अनमोल है, इसका रखिए मान।
वीर बलिदान दे गए, हमको मिला सम्मान॥
वीरों ने प्राण दिए, मिला हमें सम्मान।
भारत माँ की गोद में, फूले प्रेम महान॥
देशप्रेम के दीप से, रोशन हिंदुस्तान।
एक रहे भारत सदा, एक रहे इंसान॥
तिरंगा ऊँचा रहे, रहे ऊँची शान।
भारत की पावन धरा, करती वीर गुणगान॥
जाति-भेद सब भूलकर, बनें सभी समान।
सच्चाई के पथ चलें, रहे देश का मान॥
आजादी की ज्योति को, रखना सदा महान।
स्वतंत्र भारत की सदा, रहे ऊँची शान॥
सीमा के वीरों को, शत-शत नमन करें।
मातृभूमि के मान हित, जीवन अर्पण करें॥
ज्ञान-दीप से देश को, करना सदा बलवान।
मेहनत से हम देश का, बढ़ाएँ ऊँचा मान॥
एक रहे भारत सदा, एक रहे इंसान।
प्रेम-सुधा से सींचकर, रखें देश की आन॥
भारत का अभिमान है, प्यारा यह तिरंग।
इसकी खातिर देश में, गूँजे वीर तरंग॥
देश हमारा धर्म है, देश हमारी जान।
मिल-जुलकर हम देश का, रखें सदा सम्मान॥
आजादी का मान रख, बढ़ते जाएँ वीर।
भारत माँ की शान को, रखें सदा गंभीर॥
रीना पटले शिक्षिका
जिला-सिवनी मध्यप्रदेश













