
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। भारत सरकार द्वारा पंजीकृत एवं वर्ष 2024 में स्थापित प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था, विचारक्रांति साहित्य सेवा संस्थान, सिंगरौली (म.प्र.) द्वारा प्रस्तुत अखिल भारतीय सम्मान श्रृंखला के अंतर्गत वर्ष 2025 का गौरवमयी “विचारक्रांति साहित्य सेवा सम्मान 2025” उत्तर प्रदेश के जनपद सहारनपुर, तहसील नकुड़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री सुनील कुमार खुराना जी को प्रदान किया गया है। संस्थान के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल “विचारक्रांति” ने बताया कि संस्थान द्वारा राष्ट्रव्यापी आह्वान “राष्ट्र भाषा की मांग है हिंदी” विषय पर अखिल भारतीय कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस विषय पर देशभर से सैकड़ों वरिष्ठ व नवोदित रचनाकारों की रचनाएं प्राप्त हुईं। निर्णायक मंडल द्वारा गहन मूल्यांकन के पश्चात श्री सुनील कुमार खुराना की ओजस्वी कविता “गर्व से कहो हिंदी है मेरी भाषा” को उत्कृष्ट घोषित किया गया। उनकी रचना में हिंदी के प्रति अटूट गौरव, राष्ट्रभाषा के प्रति सम्मान, मातृभाषा के प्रति समर्पण और “शब्दों से बदलाव” का जो सशक्त स्वर था, उसने निर्णायक मंडल को सर्वाधिक प्रभावित किया। हिंदी को केवल भाषा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और संस्कार के रूप में प्रस्तुत करने की आपकी शैली अत्यंत सराहनीय है।
इसी उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान और हिंदी सेवा के प्रति उनकी निष्ठा के लिए संस्थान आपको विचारक्रांति साहित्य सेवा सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया है। संस्था के संस्थापक महोदय ने कहा कि यह सम्मान केवल एक प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि हिंदी सेवा के प्रति आपके समर्पण का राष्ट्रीय अभिनंदन है। संस्थान को पूर्ण विश्वास है कि आपके लेखन से समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन दृष्टिगोचर होंगे और युवा पीढ़ी हिंदी को गर्व से अपनाने के लिए प्रेरित होगी। संस्थान आपके द्वारा हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार में दिए जा रहे अविरल योगदान की हृदय से सराहना करता है। साथ ही संस्था आपके स्वस्थ, खुशहाल, आनंदित व दीर्घायु जीवन की कामना करती है और आपके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की मंगलकामनाएं प्रेषित करती है।













