
हमने भी होशों हवास में करवा चौथ
का निर्जला उपवास कर लिया,
पत्नी के अटूट प्रेम निभाने में हमने
निर्जला व्रत को रख लिया ,
दिल से दिल जीतने में कामयाब होने की हमने भी आज ठान ली है,
संध्या को आना है रात को चांद भी साथ लाना है,
चमकेगा चांद जो मन का स्वामी ग्रह है,
उनका पूजन करके हर्ष आनंद से मनाना है,
पत्नी जी का और मेरे निर्जला व्रत उपवास जो है आंखों में आज चमकेगा,
हमारे लिए व्रत उपवास दौनो के बीच का विश्वास का
अथाह प्रेम झलकेगा,
भुख मिटाने में हमने भी कोई कसर नहीं छोड़ी,
हर तरफ खाने चिज़ को देख कर होंठों पर जुबान फेर के दिन भर दिल को दिलासा दिया,
मेरी लम्बी उम्र के लिए पत्नी जी का व्रत,
सारी उम्र भर साथ साथ खड़े होकर जीवन समर्पित करने का वादा किया,
प्यार निभानें का उल्लास दौनो ने करवा चौथ व्रत उपवास को हिम्मत से निभा लिया।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)










