
विधा- काव्य
दीपों के पर्व दीपावली का आगाज़ है
आयुर्वेद के जनक वैद्यराज धनवंतरी के जन्म का पर्व धनतेरस आज है
स्वास्थ्य समृद्धी का प्रतीक ये पर्व उत्साह उमंग का संचार है
भगवान धनवंतरी के प्राकट्य आयुर्वेद का प्रचार है
धनतेरस पर करते स्तुति भगवान कुबेर की
धन धान्य से परिपूर्ण हो अभिलाषा घर घर के दूर अँधेर की
करते स्तुति माँ लक्ष्मी की धनतेरस पर सभी स्वास्थ्य संपन्न दीर्घायु हो
विपत्तियों से दूर समस्त प्राणीमात्र मे उत्साह उमंग की वायू हो
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र










