
महागौरीका स्वरूप अनुपम
अपार है
शक्तिरूपणी मां नमः नमस्कार है।।
चौकी सजाई मां की सुंदर साकार है, शक्ति रुपाणी मां नमः नमस्कार है।।
महागौरी का स्वरूप दिव्य है
साकार है
आठवां दिवस महागौरी का
अवतार है।।
कर में त्रिशूल गले पुष्पों का
हार है ,
गौरवर्ण मां आज वृषभ पर
सवार है
गौरवर्णा मां की कृपा
अपरंपार है,।।
शक्तिरूपणी
अष्टमी का दिन महागौरी
को समर्पित,
श्वेत पुष्प माता को करो
आज अर्पित,
सुंदर स्वरूप मां का
करता आकर्षित,
दुख और कष्ट तुम्हें नहीं करें चिंतित,
अभय हेतु उठा हस्त देता दुलार है।।
शक्तिरूपणी———————-
करुणामयी ,स्नेहमयी ,
कांतिमयी माता
शांत सौम्य रूप मां का
सबको भाता,
आठ वर्ष उम्र की नन्ही
सी है माता
सेवा करने वाला
अमोघफल पाता,
करुणामयी मैया सब पर
करती उपकार है।।
शक्तिरूपणी
पुष्पा पाठक
छतरपुर मध्य प्रदेश













