दतिया में ‘मेरी आवाज सुनो’ मंच द्वारा भव्य देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

जिलाधीश दतिया स्वप्निल वानखेड़े को डॉ श्रीमती मंजू शकुन खरे ने स्वरचित पुस्तक “विहंँसती है चंद्रिका” भेंट की।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दतिया के वृंदावन धाम में ‘मेरी आवाज सुनो’ मंच के तत्वावधान में एक रंगारंग देशभक्ति सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशप्रेम, त्याग और समर्पण की भावना से ओत-प्रोत गीतों एवं काव्य प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय जिलाधीश दतिया, स्वप्निल वानखड़े थे। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के प्रमुख पदाधिकारी राजेश शुक्ला, अखिलेश राजपूत, प्रशांत मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिकगण भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री श्रीमती मंजू शकुन खरे द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात वीरेन्द्र चतुर्वेदी, सत्यम सक्सेना, प्रशांत श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव, अजय पंजवानी, अजय मिश्रा, नीरज श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, राघवेन्द्र श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव एवं अनेक नवोदित बाल प्रतिभाओं ने अपनी ओजस्वी और मनमोहक काव्य एवं संगीत प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों ने संपूर्ण वातावरण को देशभक्ति की सच्ची भावना से सराबोर कर दिया।
मुख्य अतिथि स्वप्निल वानखेड़े ने सभी कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों को राष्ट्रीय भावनाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर कवयित्री श्रीमती मंजू खरे ने अपनी कृति “विहँसती है चंद्रिका” माननीय जिलाधीश महोदय को भेंट की।
कार्यक्रम का सफल संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया। अंत में वीरेन्द्र चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों, कलाकारों, आयोजन समिति एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से ‘मेरी आवाज सुनो’ मंच ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के द्वारा राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने का सराहनीय प्रयास किया है।











