
आओ चलो हम कुछ नया करें
कुछ तुम लिखो, कुछ हम लिखें
एक गीत लिखें साथ-साथ मिलकर
तुम्हारी भावनाएं, हमारी रचनाएं
आओ मिलकर बनाएं एक गीत
तुम्हारे सुर और हमारी ताल
दोनों मिलकर बनेगी प्रीत
कुछ तुम लिखो, कुछ हम लिखे
आओ चलें हम कुछ नया करें
एक पंक्ति तुम लिखो दूसरी पंक्ति हम लिखें
हम दोनों मिलकर सुंदर कविता रच लें जो हो अद्भुत
तुम्हारे शब्द और हमारी अभिव्यक्तियां
एक साथ मिलकर रचेगी साहित्य जगत में नया इतिहास
कुछ तुम लिखो ,कुछ हम लिखें
आओ चलो हम कुछ नया करें
तुम लिखो अब और आगे, हम आगे की पंक्तियां लिखेंगे
आओ चलो हम एक मुकम्मल कविता लिख डालें, जो हो अनमोल
कुछ तुम लिखो, कुछ हम लिखें
आओ चलो कुछ नया करें
चलो प्यार का इजहार गज़ल लिखकर करें
एक शेर तुम लिखो दूसरा मकते का शेर मैं लिखूं
कहकशां तेरी मेरी बातों का लिखने का सिलसिला सदियों तक यूं ही चलती रहे
डॉ मीना कुमारी परिहार











