
दिल्ली एनसीआर के जनकपुरी में,
जोगिन्दर मार्ग पर एक घटना हो हुई।
असिस्टैंट बैंक मैनेजर कमल ध्यानी,
बैंक से घर कैलाशपुरी रवाना हुए।।
जनकपुरी के जोगिन्दर मार्ग पर,
एक हादसा बहुत विकराल हुआ।
सड़क किनारे गहरा गड्डा बना था,
वो गड्डे में गिरकर मौत का शिकार हुए।।
भाई करण ध्यानी खोज में निकले,
रात छः पुलिस थानों में भटकते रहे।
ना कहीं भी एफआईआर लिखी गई,
एक से दुसरे थाने में वो भटकाते रहे।।
११.५३ पर कमल से दोस्त की बात हुई,
यह घटना तब तक नहीं घटित हुई।
एक थाने में लाइव लोकेशन ट्रेस हुई,
जांच की पुलिस ने जहमत ना उठाई।।
जलदाय मंत्री प्रवेश वर्मा बोले,
सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबन्द हैं।
पर निजी कम्पनी पर एफआईआर हुई,
तीन इंजीनियर की सेवा निलंबित हुई।।
शहरी विकास मंत्री सुबह ही,
निरीक्षण करने वहाँँ पहुँच गये।
सुरक्षा मानक सब कुछ सही है,
इसकी वो वहाँ पुष्टी कर रहे है।।
यह बस़ हादसा हैं या हत्या,
आमजन सवाल पुछ रहे हैं।
ये सब जो मौत के सौदागर है,
आखिर बाहर क्यों घुम रहे हैं।।
यह हो हल्ला और शोर शराबा़,
एफआईआर करना,जाँच करना।
आँसुओ से फाईले यूं भीगते रहना,
हर रोज न्याय की तारीखें मिलना।।
यहाँ सत्ता और प्रशासन ने मिलकर,
परिवार का अंतिम सपना चुराया हैं।
मन्नू हंसते खेलते हुए उस परिवार में,
आज आँसुओ का सैलाब आया है।।
अपने कान खोलकर सुनों हत्यारों,
ना कोई पद ना कोई शोहरत चाहिए।
ना हमको पैसा और दिलासा चाहिए,
परिवार को अपना वो चिराग चाहिए।।
मुन्ना राम मेघवाल।।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।











