
“ये दौलत भी ले लो, यह शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी”
अपनी लोकप्रिय गजलों से सभी के समय अपना स्थान बनाने वाले महान गजल गायक जगजीत सिंह को कौन नहीं जानता। जगजीत सिंह को उनकी आवाज और ग़ज़लों के लिए आज भी याद किया जाता है। अपने जीवन में उन्होंने जो गजलें और गीत गाए हैं उनको सुनकर मन को एक शांति सी मिलती है। जगजीत सिंह एक अलग ही अंदाज से गायकी किया करते थे जिसके चलते उनकी गायकी दुनिया भर में काफी प्रसिद्ध थी और उनके द्वारा दुनिया के अलग-अलग जगहों पर किए जाने वाले संगीत के कार्यक्रमों को देखने के लिए काफी संख्या में लोग आया करते थे। उनके गाने मन को छू लेते थे। वही इस महान गायक का जीवन कई परेशानियों दुखों से भरा हुआ था। लेकिन परेशानियों के बावजूद इस गायक ने कभी भी अपनी गायकी के साथ कोई समझौता नहीं किया। और जो भी ग़ज़ल या गाने इन्होंने गाया वो मन से गाये। वहीं भारत में जगजीत जी को गजलों का राजा कहा जाता है और उनके द्वारा लिखी गई और गाई गई गजलें आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है।
जगजीत सिंह ने 150 से ज्यादा एल्बम बनाई। फिल्मों में भी गाने गाए, लेकिन गजल और नज़्म में उन्हें अद्वितीय लोकप्रियता दिलाई।।
“झुकी झुकी सी नजर बेकरार है कि नहीं
दबा -दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं”
डॉ मीना कुमारी परिहार











