विधा – कविता
शीर्षक – प्लास्टिक प्रदूषण
आज एक बड़ी चुनौती है,
जल, थल, वायु, आकाश को l
ये प्लास्टिक क्यो खोज रहा है मानव,
पर्यावरण में जहर घोले को ll
आज पूरा विश्व प्लास्टिक युक्त हो गया है,
ये पर्यावरण में घोल रहा है जहर l
यह भयावह समस्या को जन्म दे रही है ,
मचा हुआ है दुनिया में इससे रोगों का कहर ll
आज तो आ रहा है प्लास्टिक उपयोग में मजा,
ये कहीं बन ना जाये दुनिया के लिया सजा l
प्लास्टिक ने फैलाया है आज ऐसा मंजर,
इसके कारण हो रही धरती माँ बंजर ll
आज खाने में प्लास्टिक, पानी में प्लास्टिक,
हर वस्तु का नया रूप हो गया है प्लास्टिक l
बिमारियों की फैक्ट्री है प्लास्टिक,
मौत के निमन्त्रण का रूप है प्लास्टिक ll
अब तो जागो और करो बहिष्कार,
प्लास्टिक कोई नहीं है उपहार l
चलो सब साथ मिलकर संकल्प लें,
उपयोग से करे प्लास्टिक को बहार ll
रचनाकार – नंदकिशोर गौतम (माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विधालय बकोडी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी म. प्र.











