
दिव्य गंगा मिशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन एवं शपथ ग्रहण समारोह महर्षि दयानन्द जू. हा. स्कूल सम्भल में किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया। खुर्जा, बुलंदशहर से पधारे वरिष्ठ कवि डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्या – सागर ‘ ने गंगा के विषय में –
” गंगा को स्वच्छ बनाना है,
गंगा का नीर बचाना है।
गंगा मैली न हो जाए,
ऐसा संकल्प निभाना है।। ” ये चार पंक्तियाँ पढ़ी। सारा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। कार्यक्रम के अंत में दिव्य गंगा मिशन के पदाधिकारियों द्वारा डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्या – सागर ‘ को गंगा मैया का सुन्दर चित्र, गंगाजली भेंटकर ” गंगा सेवी सम्मान – 2026 ” से सम्मानित किया गया।












