
हिन्दू हृदय सम्राट महाराज शिवाजी की 396वी जयन्ती पर मेरी एक हृदय से भावभीनी काव्यात्मक श्रद्धांजलि
महाराज शिवाजी की वो चमत्कारी तलवार थी
धर्म संस्कृति तिरस्कार थी
औरंगजेब की हाहाकार थी
यौद्धा महाराज की धर्म के बाबत मुगलों को ललकार थी
झुकना ना था धर्म को अपने सरेराह बिकना ना था
भगवा को ही बचाना था
मुगलों को भगाना था
शिवाजी महाराज थे कलयुग के पुरौधाकार
सनातन के सच्चे तारणहार
मुगलों के चऊं ओर ही मारामार थी
महाराज शिवाजी की वो चमत्कारी तलवार थी
सनातन संस्कृति के महानायक थे
भगवा ध्वज वाहक थे
सर्वधर्म सम्मान मे वो एक अधिनायक थे
हिन्दू हृदय सम्राट से ही उनकी ख्याति थी
भगवा ही उनकी एकलौती जाती थी
बडा ही ऊंचा उनका नाम था
नाम ही महाराज का एक सम्मान था
धर्म की रक्षा ही सनातन सम्पूर्ण स्वीकार थी
महाराज शिवाजी की वो चमत्कारी तलवार थी
स्वरचित एवं मौलिक
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र











