
पक्षियों की तरह उड़ना चाहता
प्रभू को प्रत्यक्ष से देखना चाहता
हिमालय पर्वत पर चढ़ना चाहता
समुद्र की टापू पर पार करना चाहता
ये मेरी अधूरी ख्वाइशों होते।
निरंतर व्यायाम करना चाहता
पौष्टिक भोजन खाना चाहता
स्वच्छ जल को पीना चाहता
शांत वातावरण में रहना चाहता
ये मेरी जिंदा में अधूरी ख्वाइशों होते।
सब से मिलजुलकर रहना चाहता
भाई चारे की भावना जगाना चाहता
सभी धर्म के समान से देखना चाहता
मानवतावादी के रूप देखना चाहता
ये मेरी लक्ष्य अधूरी ख्वाइशों होते।
श्रीनिवास यन, साहित्यकार
आंध्रप्रदेश













