डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक समारोह का आयोजन

वडोदरा, गुजरात |
सनराइज एजुकेशन एंड वेलफेयर एसोसिएशन (SEWA) द्वारा भारत के महान विधिवेत्ता, समाज सुधारक एवं संविधान निर्माता डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज सेवा एवं जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए “डॉ. बी.आर. आंबेडकर राष्ट्र अवॉर्ड 2026” से वडोदरा, गुजरात के सुप्रसिद्ध पब्लिक हेल्थकेयर एक्टिविस्ट विरेन्द्र जैन ‘माहिर’ को सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान विरेन्द्र जैन ‘माहिर’ को समाज के वंचित, उपेक्षित एवं हाशिए पर रह रहे समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जागरूकता फैलाने तथा मानवीय मूल्यों पर आधारित सतत सेवा कार्यों के लिए प्रदान किया गया। संस्था द्वारा जारी प्रशस्ति-पत्र में उनके कार्यों को “मानवता की सेवा, सामाजिक न्याय एवं समावेशी विकास की दिशा में उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान” के रूप में वर्णित किया गया है।
समारोह में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर के सिद्धांत—समानता, न्याय और बंधुत्व—आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, और विरेन्द्र जैन ‘माहिर’ जैसे कार्यकर्ता इन्हीं आदर्शों को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।
संस्था के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, तब विरेन्द्र जैन ‘माहिर’ का कार्य न केवल प्रेरणास्रोत है, बल्कि नीति-निर्माताओं एवं समाज के लिए एक दिशा-सूचक भी है। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी वंचित वर्गों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता, निवारक चिकित्सा एवं रक्तदान हेतु मानवीय सहयोग की जो पहल की है, वह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में विरेन्द्र जैन ‘माहिर’ को सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे भी समाज सेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे और अधिक से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।
विरेन्द्र जैन ‘माहिर’ जी इस सम्मान हेतु आभार व्यक्त करते हुए इस उपलब्धि को अपने गुरु समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज एवम् अपने सभी रक्तदाताओं को समर्पित किया।












