
वृद्धा आश्रम बढ़ते क्यों जा रहे
एकांकी परिवार का चलन
मोबाईल का प्रचलन
शिक्षा का अंधानुकरण
आधुनिकता की अतिशरण
ईश्वरीय आस्था का अभाव
पौराणिक कथाओं का अब
नहीं रहा प्रभाव
अपना अपना दिव्य बना सपना
अब नहीं रहा माता पिता का सम्मान
दूर होते जा रहे अपने
वृद्धाआश्रम में देखते हुए सपने
परिवार अब परिवार नही रहा
सुख शांति अब नहीं रही
अपनों के आशीर्वाद से होते
जा रहे दूर
बनावट,सजावट,दिखावट
इन्हीं में आई माता पिता की
सेवा में गिरावट।
डॉ अशोक जाटव व्याख्याता भोपाल मध्यप्रदेश











