Vijay Kumar
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साहित्य
हमसफर
ऐ मेरे हमसफर ,तू मेरे हाथ पकड़ ।समय होत बलवान ,मत दिखा तू अकड़ ।।मैं अब तेरा सहारा ,तू मेरा…
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साहित्य
झूठी बात छिपाए क्या ,
सच को ,आखिर बताएं क्याझूठी बातों को , सुनाए क्या भरपूर झूठ बोलने वाले मिले ,सच की उम्मीद ,लगाए क्या…
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साहित्य
पुस्तकें मौन गुरु होती हैं
भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर के समान माना गया है। गुरु वह होता है जो अज्ञानरूपी अंधकार को…
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साहित्य
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर…“ज्ञान की ज्योति”
किताबों की ख़ामोशी में इक कहानी बसती है,हर एक स्याही में नई जवानी बसती है। इल्म वो समंदर है जो…
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साहित्य
चार दिन की जिंदगी
जिंदगी के दिन है चार,,,दो सोच में गुज़र गये ,दो गफलत में गुज़र गये,, दो रूठने पर खर्च हुए,दो मनाने…
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साहित्य
जीवन में आगे बढ़ो
निरंतर परिश्रम करोआलसी को छोड़ करोदुखों से मुकाबला करोनिराशा को दूर करो।तुम जीवन में आगे बढ़ने का यत्न करो। आत्म…
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साहित्य
ग़ज़ल –
शौक है तन्हाइयों का।क्या करें शहनाइयों का। दूरियों के इस सफ़र में,साथ है परछाइयों का। इन परिंदों को भी थोड़ा,ख़ौफ…
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साहित्य
भावों का अनोखा संगम, सुरीली जुगलबंदी
बोलती कलम मंच पर आनलाइन जुगलबंदी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां दो रचनाकारों के भावों का अनोखा संगम देखने को…
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साहित्य
चिता में जलने के बाद
जीवन में निराश होकर रहना औरोंकी चमक देख ही विचलित होना है,उनकी सफलता नहीं संघर्षों से भी,हमने खुद को अवगत…
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साहित्य
तो हम विश्व गुरु कैसे बन पाएँगे
तो हम विश्व गुरु कैसे बन पाएँगे,अच्छा विद्यार्थी बन पाना मुश्किल,अच्छा शिक्षक बन पाना मुश्किल,जब अच्छे इंसान नहीं बन पायेंगे,तो…
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