Vijay Kumar
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साहित्य
ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है
जैसे ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है,इसलिए सबपर दया भाव रखता है,वैसे ही मनुष्य से सब ख़ुश रहते हैं तोउसे भी…
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साहित्य
गीत सृजन
मुखड़ातुम हो मेरे हृदय पटल पर,तुम ही हो संसार मेरा।साँस-साँस में नाम तेरा है,तुम ही हो बस प्यार मेरा।। चाँदनी…
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साहित्य
मानव मानव एक समान है
मानव मानव एक समान है,यहीं जग मे ज्ञान की बात|मानवता से बढ़कर नहीं है,कोई धरम धरा पर है आज |…
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साहित्य
सोनवर्षा भागलपुर के साहित्यकार कुमार धनंजय सुमन कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित।
कालिंदी चरण पाणिग्रही का साहित्य युगों तक साहित्य जगत का पथ आलोकित करता रहेगा – कीर्ति त्यागी प्रभु श्री राधा…
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साहित्य
अमृत की तलाश
अमृत की तलाश मे भटकता है इंसानमिल यदि अमृत तो,करेगे तुरंत पानलेकिन अफसोस कि,दिखे नहिं कहीं अमृतखोज खोज कर परेशानी…
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साहित्य
हे मेरे भगवन
हे मेरे भगवन ,, मेरे मालिक युहिं अपने संग में रखना,,,,,मेरे उपवन,,गीरधारी, बनवारी,, ,,मुझे तेरी पलकों पर बिठा कर रखना,,,रंग…
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साहित्य
रोने से राहत मिलेगी
क्या करें कोई नहीं सुनता है,,,,, पिछले दिनों जब मैंने हंसने की दुकान खोली तो कोई बात तक करने नहीं…
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साहित्य
हिम्मत की बैटरी
बिन बिजली के इलेक्ट्रीक इंजन अधूरा है,बिन बिजली के घर में भी अंधेरा है।कब तक यूँ ही अंधेरों में अपना…
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साहित्य
जब से राम अवध में आए
बड़ी प्रतीक्षा बाद हमारे,अरमानों ने पर हैं पाए।आशाओं का हुआ सवेरा,जब से राम अवध में आए।। नहीं अभी जग में…
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साहित्य
मानसून के रंग निराले हैं,
मानसून के रंग निराले हैं,हर बूंद में सौ उजियाले हैं,सूखी धरती की प्यास बुझाकर,ये जीवन के नए हवाले हैं। कभी…
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