
मानव मानव एक समान है,
यहीं जग मे ज्ञान की बात|
मानवता से बढ़कर नहीं है,
कोई धरम धरा पर है आज |
प्रेम प्यार मानवता से सदा,
तुम करो यहां दिलों पर राज |
लहू एकता है बहता रगों में,
फिर क्यों आपस में तकरार |
जात पात मानव ने बनाया,
नहीं कोई छोटा बड़ा है आज|
कर्म प्रधान है मानव का यहां,
तुम करो सबसे यहां पर प्यार|
सत्य पथ पर चलो सदा ही,
अच्छे रखो तुम मन में विचार|
संस्कारों को अपनाओ दिल से,
सदा करो तुम राष्ट्रहित मे बात|
कवि राजेंद्र कुमार वर्मा
कोटा राजस्थान













