
ज्यादा कुछ नहीं चाहता मैं,
मैं तुम से प्यार करूं
मुझे खुश रखने को सनम,,,
तुम मेरे सामने ही रहना,,,
मैं आईना समझ तेरी आंखों को, देखने की खता करूं,,,
अपनी आंखों के सामने बैठा के दिदार करूं,,,,
तेरी आंखों में खुद को निहारता रहुं,,,,
गीतों में फंसाना गाके
मैं इकरार करूं ,
पकड़ कर तेरी बाहों को,,,
मैं इश्क का इजहार करूं,,,,
छूके तेरे गालों को दौनो हाथों से,,,
प्यार में जी भर कर प्यार करूं,,,,
सहला कर बालों को मैं तेरा श्रृंगार करूं,,,
अपनी आंखों में बसा कर तेरा दिदार करूं ,,,,,













