Vijay Kumar
-
साहित्य
मैं तो बस लुटता आया
मैं तो बस लुटता ही आयसाम्राज्य नहीं बनवास मिलाजंगल का आवास मिलामाता का परिहास मिलाजनता का उपवास मिलातब से मैं…
Read More » -
साहित्य
ज़रा परदा हटा दे श्याम
ज़रा परदा हटा दे श्याम, तेरा दीदार हो जाए,मेरे सूने पड़े दिल में, खुशी की बहार हो जाए॥ तेरी यादों…
Read More » -
साहित्य
गजल
काफिया- आना की बंदिशरदीफ-धरती परमापनी- २२ २२ २२ २२ २२ २ साँसों का उपहार बचाना धरती पर,होगा हमको पेड़ लगाना…
Read More » -
साहित्य
चुनावो में प्रचार करवाना होतो अभी से सम्पर्क किजिये!
ऐक नेताजी बोले दादा आप आईये हमारी तारिफ में बक 2 किजिये! मेने कहां मान्यवर मैं मां शारदे उपासक हूं…
Read More » -
साहित्य
सहारनपुर का लाल कवि सुनील कुमार खुराना धरती मित्र सम्मान 2026 से सम्मानित
नकुड़, सहारनपुर। विचार क्रांति प्रोत्साहन परिषद सिंगरौली मध्य प्रदेश के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर चलाए गए मिशन पौधारोपण अभियान…
Read More » -
साहित्य
नशा निरोधक दिवस
नशे से सावधान रहना है शरीर अपना स्वसथ रखना है। न दोस्तों के बहकावे में न किसी और के बहकावे…
Read More » -
साहित्य
मैं हिंदुस्तान हूँ
मैं मंदिर की घंटी हूँ, मस्जिद की अज़ान हूँ,गुरुद्वारे का लंगर हूँ, गिरजाघर की प्रार्थना हूँ।मेरी रंगों में गंगा-यमुना का…
Read More » -
साहित्य
मुक्तक
ये शौक से उड़ाते हो सिगरेट का धुँआ,ये शौक का नहीं, शोक का धुआं है। तुम यूं ही उड़ाते हो…
Read More » -
साहित्य
नशा निरोधक दिवस पर
नशा_जीवन की बरबादी मानव जीवन है अनमोलक्यों इसेनशे की आग में झोंक रहा। मानव जीवन है अनमोलक्यों इसेधुंए में उड़ा…
Read More » -
साहित्य
एक अनकही नोक-झोंक
बदलने लगा है मिज़ाज-ए-जीवन,तेरे आने की बस एक आहट सुन के।तकरार में भी मचलती है धड़कन,ताने-बाने बुनती है ये रात…
Read More »








