Vijay Kumar
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साहित्य
गीत
तपती धरती बाट निहारे, घिर आओ घनश्याम।सूने नभ में आस जगी है, लेकर तेरा नाम॥ खेत बाग वन धरती सूखी…
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साहित्य
कसम से जीत जाऊंगा
ढूंढ़ रहा हूँ खुद को,पता नहीं कहाँ हूँ मैं।जिस दिन खुद से मिल जाऊँगा,कसम से जीत जाऊँगा॥ आग लगी तो…
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साहित्य
रात की बारिश
रात की बारिश में जब घर की छत टपकती रही,माँ की यादों की कोई चादर सिसकती रही। बंद कमरों में…
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साहित्य
संत कबीरदास के ज्ञानमार्ग, कटु सत्य अमृतवाणी और वर्तमान में उसकी प्रासंगिकता
आलेखः “पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥” 600 साल…
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साहित्य
बाल कहानी – चंचल गौरैयाइंजी. रघुराज सिंह कर्मयोगी
चंचल, काफी चुलबुली गौरैया थी। इधर उधर फुदककती फिरती थी। रामू ,श्यामू दो सगे भाई थे। वह दोनों भाइयों के…
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साहित्य
शिक्षा का बुरा हाल।।
लाखों विद्यालय बन्द हो रहे,पर निजी संस्थान खुल रहे है।शिक्षा का व्यापार बढ रहा हैं,निजीकरण को बढावा मिल रहा।। लाइब्रेरी…
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साहित्य
उत्तरप्रदेश में आगज़नी।
उत्तरप्रदेश की राजधानी,सीएम योगी के लखनऊ में।एसी शोर्ट सर्किट के कारणऐसी भयानक आग लग गयी।। तीन मंजिला बिल्डिंग में,छोटा सा…
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साहित्य
क्या सचमुच?
क्या सचमुच वेदों-पुराणों का वो सार आज भी है?जो सुना बुजुर्गों से, क्या वो चमत्कार आज भी है?अनंत काल के…
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साहित्य
लो, फिर एक और अग्निकांड…
कुछ खबरें केवल समाचार नहीं होतीं, वे भीतर तक झकझोर देने वाला दर्द बन जाती हैं। एक आग की राख…
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साहित्य
मुफ़्तखोरी बुरी चाहत
जब कोई चीज मुफ्त मिल रही हो,तो समझना चाहिये कि इसकी कोईबड़ी कीमत पाने वाले को चुकानी है,उनकी आज़ादी भी…
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