Vijay Kumar
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साहित्य
अनकहा सिलसिला
चेहरे पर मुस्कान सजाकर,राज़ छुपाना पड़ता है ।मन की बातें,मन ही जाने ।खुद को बहलाना पड़ता है। आईने से आँख…
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साहित्य
धोखा खा गये
धोखा खा गये,खुद से हार गयेविश्वास जिसपर कियेवही,धोखा दे दिये,ऐसे भी लोग है,बदलतेयही तो,समझ न पायेसारी रहस्य,मेरे जिसे मालूम थावक्त…
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साहित्य
तानाशाही और कमजोर विपक्ष।।
जब विपक्ष कमजोर होता है,सत्ता का यूं अंहकार बढता है।वो अपने ही मोह से चलता है,विपक्ष पर प्रत्यारोप लगाता है।।…
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साहित्य
“मै” जो टूट के भी खड़ा हूँ
अगर मौका मिला कभी, तो कागज पर,अपनी थकान लिखूंगा।मजबूत कंधों के पीछे छुपा,वो छोटा सा इंसान लिखूंगा। वो जो हर…
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साहित्य
अनंत अतृप्त भूख*
डाक्टर दीपक गोस्वामी मानवीय व्यवहार वैज्ञानिक आप देश के चर्चित लेखक,मोटिवेशनल स्पीकर, ट्रेनर,सामजिक कार्यकर्ता है। आज की अत्याधुनिक भूख पेट…
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साहित्य
गुरु वंदना
मेरी कुटिया में गुरु जी आज आयेंगे,मेरे सोए हुए भाग्य भी जग जायेंगे। धूल भरे आँगन में दीपक सजाऊँ मैं,मन…
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साहित्य
एकजुट हम हो जाएं
अगर बटे तो मिट जाओगे,बात ये मेरी मान लो!बचाना है तो मिलकर रहना,सच्चाई ये जान लो!! बल है बहुत एकता…
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साहित्य
जीवन। रिश्तों की चटपटी अचारी भेलपूरी
डाक्टर दीपक गोस्वामीमानवीय व्यवहार वैज्ञानिकआप देश के चर्चित लेखक ,मोटिवेशनल स्पीकर, ट्रेनर,सामाजिक कार्यकर्ता है जिंदगी में रिश्ते वो अचार हैं…
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साहित्य
सखी! तुम ब्याह करना उस दिन!
तुम ब्याह करना उस दिन!जिस दिन तुम्हारा मन सहमत हो जाएएक नई जिंदगी में कदम रखने को!एक ऐसी दुनियां जहां…
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साहित्य
गद्दारों से सावधान
विषय- कितना रूप बदल कर आते हैं गद्दारविधा- कविता पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन जैसे देश से,भारत में आते हैं कितने…
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