Vijay Kumar
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साहित्य
पिताजी
वह गृह के अधिपति होते हैकुटुंब को पोषण करते हैंउलझनों को दूर करते हैंधैर्य सहन के प्रतीक बनते हैंपिता परिवार…
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साहित्य
हमारे नेता जी
नेता है कपट वाला, कहलाता टोपी वाला,देश को कर रहा कंगाल,खुद होता रहा मालोमाल।। नेता है नीति बनाता, खुद को…
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साहित्य
कन्हैया कब तु आएगा
छल कपट के प्रपंच कर रहा सभापति सब देख रहें हैं।रे कन्हैया कब तु आएगा दुशासन साड़ी खिंच रहा है।।सबके…
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साहित्य
आज बदल गई है रफ्तार जिंदगी की
सच ,समय की रफ्तार मेंजिंदगी की भागम भाग मेंआज बदल गई है रफ्तार जिंदगी कीअपने ख्वाबों, अरमानों को पूरा करने…
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साहित्य
नैतिकता का करें प्रसार
आओ बंदे! नैतिकता का करें प्रसारनैतिक मूल्य ही है जीवन का आधारआओ हम सब मिलकर करें प्रयासजाति -पाति का न…
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साहित्य
रंग ही रंग है चारों ओर
पेड़ पौधे, नदिया और तालाब lसुंदर सबकी आभा, दिखते नायाब ll**फल फूल, मेवा और मसाले हैं खूब lखाने को बनाते…
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देश
दिलजान सिद्धिकी,अभिनंदन!
मैहर जिले के रामनगर की इस मिट्टी से उठकर तुमने पूरे देश में नाम रोशन किया है। नेशनल लेवल पर…
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साहित्य
जख्म फिर से हरा भरा देखा
विधा-गज़ल ज़िक्र तेरा क्या हर बार आयातन्हा ही हमने खुद को हर बार पायाजब जब यादों मे तेरा ही नज़ारा…
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साहित्य
श्री जन कल्याणेश्वर मंदिर में संपन्न हुआ चौथे बड़े मंगल का भव्य एवं विशाल भंडारा
लखनऊ, 26 मई 2026।ज्येष्ठ मास के चौथे बड़े मंगल के पावन अवसर पर सैनिक नगर स्थित श्री जनकल्याणेश्वर महादेव मंदिर…
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साहित्य
प्रेम, पीड़ा और साहित्य की अमर आवाज़ : अमृता प्रीतम
भारतीय साहित्य जगत में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो केवल लेखक नहीं बल्कि एक युग की संवेदनाओं की पहचान…
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