Vijay Kumar
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साहित्य
प्रकृति संवारें
दिया प्रकृति ने हमें बहुत कुछ,बचा नहीं हम पाए!अपनी नादानी से हमने,सर्वस्व गंवाए!! स्वार्थ लोभ लालच में आकर,बने प्रकृति के…
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साहित्य
तंबाकू छोड़ो जीवन जोड़ों
विषय- नाश मुक्तिविधा- कविता तंबाकू सेवा जीवन के लिए जहर है,ये जीवन में भर देता कहर है lतंबाकू के सेवन…
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साहित्य
“वतन के वास्ते” नामक पुस्तक में जीवंत हुई स्वतंत्रता सेनानी रामहर्ष सिंह की अमर गाथा।
वीरता, बलिदान और देशभक्ति की अद्भुत दास्तान का भव्य विमोचन जल्द। आजादी के अमर सेनानी, क्रांतिकारी चेतना के प्रतीक एवं…
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साहित्य
विश्वास पे घात
विश्वास किस पर करेंन जाने कब हो जाए घातसंवरते रहिये.. संवारते रहिये न जाने कब पड़ जाए लातकितना भी चाहे…
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साहित्य
आखिर कौन हूँ मै?
रख सको तो एक निशानी हूँ मै,खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मै।रोक ना पाए जिसको यह सारी दुनियां,वह…
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साहित्य
अनकहे जज़्बात
कभी बिना कारण भी मन भारी हो जाता है,अवसाद चुपके से भीतर घर बना जाता है।छोटे-छोटे दुःख जब मन में…
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साहित्य
गंगा रूठ जाएं
हरिपद नख से निकली गंगा,शिव के शीश समाई!जटाशंकरी पाप समन कर,मोक्ष दिलाने आई!! धरती मां की प्यास बुझाकर,औषधि अन्न उपजाती!धन…
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साहित्य
वीर रस कविता
मत आओ मेरे पास,दहकते आंसुओं का है एहसास।टूटा हुआ है इस जालिम दुनिया से विश्वास,आखिर में अपनों से कैसे लगाऊं…
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साहित्य
केवट की भक्ति
प्रभु को पहचान गया केवट,भावुक हुआ भगवन तट आए।प्रभु ने जब कहा कि पार करो,मन ही मन केवट सकुचाए।। कहां…
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साहित्य
हास्यव्यंग्य
धोके कहीं मोहब्बत के नाम पर मिलेंगेजो संभल गए वो काम पर मिलेंगेऔर मत ढूंढना इन्हें गांव गली बाजारों मेंआज…
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