
जब विपक्ष कमजोर होता है,
सत्ता का यूं अंहकार बढता है।
वो अपने ही मोह से चलता है,
विपक्ष पर प्रत्यारोप लगाता है।।
नये विशेष काम कुछ नहींं करते है,
बस योजनाओं के नाम बदलते।
बेबस,मजलूमों पर झुल्म ढ़हाते,
हिंसा का नित्य नंगा नाच दिखाते।।
हर रोज नीति नियम यूंं बदलते है,
संस्थाओंं मेंं अपने लोग बिठाते है।
ईडी,सीबीआई का दुरूपयोग करते,
इनका विपक्ष पर भरपुर प्रयोग करते।।
दरबारी मीडिया को आगे बढाते,
न्यूज हेंंडिंंग खुब मैनेज भी करते।
एसआईआर से अवाम के वोट काटते,
मन्नू यहाँ लोकतंंत्र का वो यूंं गला घोंंटते।।
किसी समुदाय के विरूद्ध जहर उगलते है,
या जब महिलाओं पर अत्याचार बढते है।
भर्ती परिक्षाओंं के पैपर आउट हो रहे है,
जनता मे मंहगाई कोहराम मचा रही हो।।
जब सीजेपी का यूं गठन हो रहा है,
उसके फोलोवर्स रिकाॅर्ड तोड़़ रहे है।
देश की सड़़के सुनसान नजर आती है,
विपक्ष की हमें कमजोरी दिखलाती है।।
विपक्ष ना सड़को पर नजर आता,
नये मीडिया का गठन नहीं करता।
अंतिम क्षण तक संघर्ष नही करता,
सत्ता को तानाशाही का अवसर देता।।
मुन्ना राम मेघवाल ।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।












