Vijay Kumar
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साहित्य
तीर्थ यात्रा
पग चला श्रद्धा के संग, मन में सतनाम,तीर्थों की ओर बढ़ा, छोड़कर निज ग्राम।राह कठिन, कठिन पर्वत, किंतु हृदय अडिग—हर…
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साहित्य
निष्क्रमण संस्कार
एक गाँव में मधुसूदन और उनकी पत्नी गौरी के घर तीन महीने पहले एक कन्या का जन्म हुआ था। आज…
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साहित्य
एक पुरानी तस्वीर
रचना- मेरे सपनो का गाँवरचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य. शिक्षक) जिला सिवनी(म. प्र.) जंगल, पहाड़ और नदियो के किनारे गाँव की…
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साहित्य
सनातन
हिंदू राष्ट्र हो यह प्यारा भारत मेरा।लगाएं सब जग में पताका का तेरा।। अखण्ड हो मेरा प्यारा भारत देश।भारत ही…
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साहित्य
FLN मेला की ओर बढ़ते हम
खेल-खेल में सिखना है, प्यारे बच्चों का सपना है, सीख की यह नई डगर, हर मन में है एक लहर।…
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साहित्य
अन्नप्राशन संस्कार
भारतीय संस्कृति में मानव जीवन को आरंभ से ही संस्कारों की पवित्र श्रृंखला से जोड़ा गया है। इन सोलह संस्कारों…
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साहित्य
चुनाव
शीर्षक : पाॅंच साल के जीवन बीमाजल्दी जल्दी चलीं मत चलीं धीमा ,आईल बा पंचवर्षीय जीवन बीमा ।ओकरे के रउआ…
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साहित्य
समाधिपाद सूत्र– ३४
प्रच्छर्दनविधारणाभ्याँ वा प्राणस्य ।वा= अथवा; प्राणस्य= प्राण वायु को; प्रच्छर्दनविधारणाभ्याम्= बारम्बार बाहर निकलने और रोकने अभ्यास से भी {चित्त निर्मल…
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धर्म
समाधि पाद सूत्र– ३३
मैत्रीकरुणामुदितोपेक्षाणां सुखदु:खपुण्यापुण्य विषयाणां भावनातश्चित्त प्रसादनम् ।सुखदु:खपुण्यापुण्यविषयाणाम्= सुखी, दु:खी, पुण्यात्मा और पापात्मा– ये चारों जिनके क्रम से विषय हैं ऐसी; मैत्रीकरकरुणा…
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साहित्य
किस मिट्टी का बना है ये इंसान?
किस मिट्टी का बना है ये इंसान,लोहे सा मज़बूत, अडिग, महान।तूफानों में भी अचल खड़ा,हर वार झेलकर भी अड़ा। गालियाँ…
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