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एक पुरानी तस्वीर

रचना- मेरे सपनो का गाँव
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य. शिक्षक) जिला सिवनी
(म. प्र.)

जंगल, पहाड़ और नदियो के किनारे गाँव की कहानी होगी,
लहलहाते पेड़, पौधें और खेत के आनंद की महरवानी होगी l
सूर्य, चाँद और तारो की बारात होगी,
सुहानी माह कार्तिक पूनम की रात होगी ll

दीप ज्योति अनंत की रात होगी,
नील अम्बर के तले सुन्दर नगरी में बारात होगी l
गाँव के सब लोग आनंद उमंग की अन्भूति होगी,
दिन व रात में भी गाँव के चारों ओर घनघोर उमंग होगी ll

मेरे गाँव के आंगन मे छोटी बगिया होगी,
जिसके फूलो की में तरह तरह की सुहानी सुगंध होंगी l
इस बगिया की अच्छी सी पहचान होगी,
हमे यहा रहने का अवसर मिला इस मे भगवान की महरवानी होगी ll

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