Vijay Kumar
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धर्म
समाधि पाद सूत्र– २७
तस्य वाचक: प्रणव: तस्य= उस ईश्वर का; वाचकः= वाचक {नाम}; प्रणव:= प्रणव {ॐकार} है । अनुवाद– उस ईश्वर का वाचक…
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धर्म
समाधि पाद– सूत्र २६
पूर्वेषामपि गुरु: कालेनानवच्छेदात् । {वह ईश्वर सबके} पूर्वेषाम्= पूर्वजों का; अपि= भी; गुरु:= गुरु है; कालेन अनवच्छेदात्= क्योंकि उसका काल…
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साहित्य
छठ पर्व
।। मौसम परिवर्तन के समय इन व्रत का स्वास्थ्य पर विशेष महत्व कृपया यह लेख बार-बार पढ़ें ।। !! ऋषियों…
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साहित्य
समाधि पाद सूत्र– २५
तत्रनिरतिशयं सर्वज्ञबीजम् । तत्र= उस {ईश्वर} में; सर्वज्ञबीजम्=सर्वज्ञता का बीज {कारण} अर्थात् ज्ञान; निरतिशयं= निरतिशय है । अनुवाद– उस (ईश्वर)…
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साहित्य
छठ पूजा
सूर्य देव के पूजन का, यह है पर्व महानसूर्य देव की कृपा से बनते बिगड़े काम।। उदय काल से सूर्य…
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साहित्य
प्यार का क्षितिज
प्यार का क्षितिज धरती आसमान जहां मिलते हैं, क्षितिज वही कहलाता है। प्यार की पूर्णता का परिचायक क्षितिज, सबको कहां…
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साहित्य
छठी मइया के आँगन
नदिया के किनारे सजल भोर आई,घाट पे उमड़ी श्रद्धा की परछाई।अरघ देत अँधियार में जोती जली,सूरज देव के चरणन में…
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साहित्य
दो आत्माओं का संग
साउथ अफ्रीका की धूप में,एक राह पर दो छायाएँ चलीं।गांधी और कालनबैक —मन के गहरे बंधन में बसी,आध्यात्मिक मित्रता,सद्भाव और…
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साहित्य
क्यों करें अभिमान
न तन अपना न श्वास ही अपनी ,कहाॅं पड़ा अब ज्ञान रे ।न कुछ अपना न सपना अपना ,क्यों करें…
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साहित्य
कविता- प्रकृति
प्रकृति की लीला कितनी न्यारी,कहीं बरसता झमझम पानी,नदियाँ बहती कलकल – छलछल,और कहीं उफनाता है पानी।जरा देखिये ये,प्रकृति की लीला…
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