Vijay Kumar
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साहित्य
विषय आशाओ के दीप
रचनाकार सुनील कुमार “खुराना” नकुड़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश मन में आशाओ के दीप जलाना।बन्दे तुम सदा आगे बढ़ते जाना। जीवन…
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साहित्य
प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट, लमही, वाराणसी के तत्वावधान में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की 89वीं पुण्यतिथि पर प्रेमचंद दीपांजलि व विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट, लमही, वाराणसी के तत्वावधान में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की 89वीं पुण्यतिथि पर प्रेमचंद दीपांजलि…
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साहित्य
छूट गया वो पल
रचना : हरनारायण कुर्रेश्रेणी -काव्यमुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर छत्तीसगढ़===========.============ छूट गया वो पल छूट गया वो…
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साहित्य
चमकीला ठाट बाट
एक से लेके पाॅंच तक ,झूठ से लेके साॅंच तक ,सिमट के रह गईल दुनिया ,आज खाली काॅंच तक ।असली…
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साहित्य
भारतीय भाषाओं एवं संस्कृति का वैश्विक योगदान है या नहीं है ?
भारतीय भाषाओं एवं संस्कृति का वैश्विक योगदान पूर्ण रूप से देखा जा सकता है। भारत विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता…
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साहित्य
माँ की महिमा
प्यारी प्यारी मेरी माँ प्यारी प्यारी मेरी माँ, जोड़े पाई-पाई माँ। दुखः से पर्वत राई माँ, हारी नही लड़ाई माँ।…
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साहित्य
अतुकांत कविता
जब भी किसी से बोलिए शब्दों को पहले तोलिए। तुम जो न सह सको कभी वो बोल क्यों कर बोलिए?…
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साहित्य
परीक्षा की घड़ी
जब आए परीक्षा की घड़ी,मत घबरा, हो जा तू खड़ी।काँपते हाथों को थाम ले,चढ़ जा सपनों की सीढ़ी। कलम को…
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साहित्य
मेरा चांद
ऐसे भी ना इतरा ए चांदतू अपनी खूबसूरती पर,मैंने भी तो छिपा रखा हैएक प्यारा सा चांद इस धरती पर।…
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साहित्य
तोर सुरता मां
तोर सुरता मां, आज होले कोन जाने अब्बड़ जनाइस ,रही रही के मोर आंखी के डबरा ल उछलत ले भराईस।…
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