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नीरदोष ज़िन्दगी
अगर मंज़िल मिल जाए सफ़र में ही,सोचो अगर ऐसा हो तो क्या होगा।मुसाफ़िर अगर खुद बन जाए रास्ता ,आदमी इंसान…
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परीक्षा
प्रकृति मनुष्य की परीक्षा लेती है चाहे कोई भी क्षेत्र हो। जीवन हमें कसौटी पर कसा करता है। चुनौती दर…
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“मेरे ख्यालों में”
रहता है अक्सर आना जानातुम्हारा ! मेरे ख्यालों में।मिल जाते हैं मेरे सवालों केजवाब बस तेरे आने से। डराती थी…
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“जीवन चतुष्टय में अद्वैत की ज्योति: बाल्य से ब्रह्म तक की आत्मिक यात्रा”
भारतीय चिरपुरातन एवं नूतन अद्वैत दर्शन पर आधारित वैदिक सनातन सत्-सिद्धांत को आज प्रत्येक आयु वर्ग द्वारा अपनाना अत्यंत आवश्यक…
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विषय, एक मुट्ठी आसमान
समय भी नहीं रुकता, युग बीता जाताहौसला है टूटता। हिम्मत हारे स्त्रीमनढूंढती है दिन-दिनपथ, होकर के उन्मन। जब भी पंख…
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वेदारम्भसंस्कार
वेदारम्भका तात्पर्य तथा सामान्य विधान—प्रायः उपनयन-संस्कार के ही दिन वेदारम्भ-संस्कार कर लेते हैं । जैसा कि वेदारम्भ– इस नामसे ही…
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तुलसी जयन्ती
तुलसी जयन्ती एवम् “काव्यायनी” की 42वीं वर्षगाँठ पर “तुलसी साहित्य अकादमी” वाराणसी-शाखा एवं “वरुणोत्तरा” साहित्यक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में…
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शीर्षक: मेरी पहचान
मेरी बस इतनी सी पहचान हैं,,किसी की बेटी हूं मैं, किसी की बहु मैं,,किसी की पत्नी हूं मैं, किसी की…
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समकालीन साहित्य सृजन में प्रेमचंद की प्रासंगिकता
किसी ने खूब कहा है-- “ख्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने कीआप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है”प्रेमचंद हिंदी…
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वैद्यनाथ
दिनांक : 1 अगस्त , 2025दिवा : शुक्रवारगतिमान होना ही जीवन है ,हर श्वास ही होता विश्वास ।गति रुकना जीवन…
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